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Dr Jayant Narlikar Passed Away: पुणे में नींद में हुआ निधन, जाने महान खगोल वैज्ञानिक का जीवन

प्रसिद्ध भारतीय खगोल भौतिकशास्त्री डॉ. जयंत नारळीकर का निधन, पुणे में नींद में ली अंतिम सांस

प्रसिद्ध भारतीय खगोल भौतिकशास्त्री डॉ. जयंत नारळीकर का निधन, पुणे में नींद में ली अंतिम सांस

Dr Jayant Narlikar passed away: भारत के प्रसिद्ध खगोल भौतिकशास्त्री और एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. जयंत नारळीकर का मंगलवार को पुणे में नींद में निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। वे one of the best-known scientists of India के रूप में पहचाने जाते थे और विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य रहा है।

Was born on July 19, 1938 in Kolhapur, Maharashtra, जयंत नारळीकर का जन्म एक शैक्षणिक परिवार में हुआ था। उनके पिता विष्णु नारळीकर भी एक प्रसिद्ध गणितज्ञ थे। जयन्त विष्णु नार्लीकर ने अपना बीएससी (Banaras Hindu University, 1957) से पूरा किया और फिर Cambridge University से पीएचडी (1963) और एससीडी (1976) की उपाधि प्राप्त की।

वर्ष 1988 में वे Inter-University Centre for Astronomy and Astrophysics (IUCAA) के संस्थापक निदेशक बने। उनका मानना था कि विज्ञान का प्रचार आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विज्ञान को आम भाषा में प्रस्तुत करने के लिए कई पुस्तकें और लेख भी लिखे।

Jayant Narlikar has started a blog at the age of 85! यह जानकारी खुद उनके ब्लॉग पर सामने आई थी, जिससे यह साबित होता है कि वे अपने अंतिम दिनों तक भी विज्ञान और संवाद में सक्रिय थे।

Passed away in Pune, डॉ. नारळीकर का अंतिम समय शांति से बीता। passed away in his sleep on Tuesday, यह खबर विज्ञान जगत के लिए गहरा आघात है। देश के कई शीर्ष वैज्ञानिकों और संस्थानों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

डॉ. नारळीकर को पद्म विभूषण और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार जैसे अनेक सम्मान प्राप्त हुए। वे अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सादगी, और मानवता के लिए याद किए जाते रहेंगे।

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