बरेली: 20 बीघा में बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर चला BDA का बुलडोजर, बाउंड्रीवाल ध्वस्त

बिना स्वीकृति भूखंडों का कराया जा रहा था चिन्हांकन, विकास प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर की ध्वस्तीकरण कार्रवाई
बरेली जनपद में बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की प्रवर्तन टीम ने सीबीगंज थाना क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ग्राम गोविंदापुर में करीब 20 बीघा क्षेत्रफल में बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के कराई जा रही प्लॉटिंग और निर्माण कार्य को टीम ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से किए जा रहे भूखंडों के चिन्हांकन और बाउंड्रीवाल आदि के निर्माण को हटाया गया।

बरेली विकास प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम गोविंदापुर में मेंहदी हसन और मिसाल द्वारा करीब 20 बीघा जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए भूखंडों का चिन्हांकन कर प्लॉटिंग का काम कराया जा रहा था। साथ ही मौके पर बाउंड्रीवाल समेत अन्य निर्माण कार्य भी कराए जा रहे थे। प्राधिकरण से इन विकास कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी।
बिना स्वीकृति चल रही थी प्लॉटिंग
बीडीए अधिकारियों के मुताबिक, प्रवर्तन टीम को मौके पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी मिली थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जमीन पर प्लॉटिंग की जा रही थी और भूखंडों को अलग-अलग दर्शाने के लिए निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित लोगों द्वारा कराए जा रहे अवैध विकास कार्यों को रुकवाया। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण और विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया।
बीडीए की कार्रवाई से मौके पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में खलबली मच गई। प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति के की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्लॉट खरीदने से पहले स्वीकृति जरूर जांचें
बरेली विकास प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी क्षेत्र में जमीन खरीदने या प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले संबंधित कॉलोनी और लेआउट की वैधता की जांच जरूर करें। किसी भी तरह का निर्माण या प्लॉटिंग शुरू करने से पहले बरेली विकास प्राधिकरण से मानचित्र और आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है।
प्राधिकरण ने नागरिकों को सलाह दी है कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि बाद में अवैध निर्माण या विकास कार्य के खिलाफ होने वाली कार्रवाई का असर खरीदारों पर न पड़े।




