किसी भी इंसान का गला काट सकती मौत की डोर, पर क्यों नही लगता लग़ाम..?


कुछ लोगों का शौक और सिस्टम की लापरवाही की पतंग..!!
हमारे देश में पतंग उड़ाने की परंपरा रही है और यह परंपरा आज भी कायम है किंतु लोगों का यह शौक तब जानलेवा बन जाता है जब पतंग के शौकीन एक दूसरे की पतंग काटने के लिए चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करते हैं!
चाइनीज मांझा पतंग की वह डोर है जो इतनी खतरनाक होती है कि किसी भी इंसान का गला तक काट सकती है!हमारे देश मे आए दिन मांझे से हुई दुर्घटनाओं के समाचार सुनने में आते रहते हैं! यहां तक कि इस मांझे से मौत तक होती रहती हैं! मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी इसकी चपेट में आते रहते हैं! लेकिन मौत के चलते फिरते इस शस्त्र पर आज तक प्रतिबंध या नियंत्रण नहीं हो सका! जब भी कोई दुर्घटना होती है शासन प्रशासन में थोड़ी हलचल होती है!
फिर उसी ढर्रे पर मांझे की बिक्री लौट आती है! प्रशासन दिखावे के लिए छोटे मोटे दुकानदारों पर छापेमारी करके अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेता है!लेकिन पुलिस के लंबे हाथ बड़ी मछलियों तक या तो पहुंच नहीं पाते या फिर वह पहुंचाना नहीं चाहती ! अपराध का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसके स्रोत का पुलिस को पता नहीं होता!लेकिन भ्रष्टाचार के कारण सब आंखें मूंदे रहते हैं!
इसमें दोषी सरकार भी है! क्या सरकार गंभीर होकर एक अभियान के अंतर्गत चीनी मांझे के आपूर्तिकर्ताओं को सलाखों के पीछे नहीं कर सकती?




