उन्नाव:- नगर निगम व नगरपालिका या संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी..?


उन्नाव से अनुज तिवारी की रिर्पोट…
जिला,नगर,सड़कें व दुर्घटनाओं में नुकसान..!!
एक तरफ सरकार कह रही हैं कि जीवन अनमोल हैं लेकिन वही दूसरी तरफ सडको और हाईवो पर खड़े व मंडराते आवारा पशु लोगों की जान के लिए खतरा बन रहें हैं अक्सर रात में यह आवारा पशु दिखाई नही देते और वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाता हैं! इन दुर्घटनाओं के जिम्मेदार आखिर सरकार या संबंधित महकमा हैं?
जिला उन्नाव हो या नगर सड़को में आवारा पशुओं की समस्या बड़ी बनती जा रही है देश का शायद ही कोई नगर निगम या नगरपालिका का क्षेत्र हो जहां आवारा पशुओं की आवाजाही के कारण यातायात बाधित ना होता हो बल्कि किसी की जान पर भी आ पड़ती है! ऐसी तमाम घटनाएं सामने आती रहती हैं जिसमे किसी की जान या चोटे ना लगती हो महत्त्वपूर्ण बात यह है कि नगर निगम या नगरपालिका या संबंधित अधिकारी तभी सक्रिय होता है जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है या किसी की जान चली जाए! नगर निगम व नगरपालिका या संबंधित अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि समय-समय पर आवारा पशुओं को सड़क व हाईवे से हटाया जाए!
अगर व ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार को संबंधित अधिकारियों पर जरूर कार्रवाई होनी चाहिए! दूसरी और किसान भी छुट्टा पशुओं के कारण बेहद परेशान है जिससे खेत मे बोयें हुए सामान का भी नुकसान हो रहा हैं आवारा पशुओं की वजह से नगर, शहर, खलियान व सड़को में अफरातफरी का माहौल बन जाता है! इसे रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकार और नगर निगम व नगरपालिका एवं संबंधित विभाग की है।
गंदे पानी के बीच से होकर गुजरते है स्कूली बच्चे
सरकार समाज से गंदगी दूर करने तथा मूलभूत सुविधा को उपलब्ध कराने को लेकर दावा फेल हो गया है। यहां स्कूली बच्चे गंदे नाले के पानी से होकर स्कूल जा रहे हैं। सरकार शहर , गांव से गंदगी दूर करने तथा मूलभूत सुविधा को उपलब्ध कराने को लेकर चाहे जितने भी दावे कर ले मगर ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में तस्वीर नहीं बदल रही है।
उन्नाव का, कोई भी ब्लाक मुख्यालय में ही गंदगी का अंबार लगा है। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण घरों का गंदा पानी सड़क पर बह रहे है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि बच्चे गंदे पाने के बीच से होकर विद्यालय जाने को मजबूर हो रहे है। वर्तमान समय में सरकार स्वच्छता अभियान के अलवा दस्तक अभियान भी चला रही है, जिससे साफ-सफाई के अलावा गांवों में दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है। मगर गंगा नगर, पोनी रोड, बिन्दा नगर, पीपर खेड़ा का नजारा कुछ और ही नजर आ रहा है।
कस्बे की अधिकांश नालियां गंदगी से भर गई हैं। उसमें गिरने वाला घरों के पानी सड़क पर ही फैल रहा है। सड़क से गांव के लोगों का आना-जाना भी इसी सड़क से होता है लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।



