उन्नाव:- जिलाअधिकारी ने आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन की शिकायतों के लिए टॉल फ्री नंबर की दी जानकारी।।

उन्नाव से जिला संवाददाता अनुज तिवारी
उन्नाव जिला निर्वाचन अधिकारी गौरांग राठी ने जन सामान्य को सूचित करते हुए बताया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 में जनपद में आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन की शिकायतों को दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग के टॉल फ्री नंबर 1950 व डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम नंबर 0515- 2820638, 2970897, 2970898 के अलावा सी-विजिल ऐप भी संचालित है, जिसमें शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी को सौ मिनट के अंदर शिकायत का निस्तारण कर शिकायतकर्ता को अवगत कराना होगा।
सी-विजिल ऐप के माध्यम से आम नागरिक निर्वाचन आयोग से किसी भी दल अथवा प्रत्याशी की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकता है।यह ऐप सभी एंड्रायड स्मार्टफोन पर काम करता है।
उन्होंने जानकारी दी, कि सी-विजिल ऐप भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार एक आसान ऐप है। इसके इस्तेमाल के लिए फोन में एक कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन व जीपीएस होना चाहिए। शिकायतकर्ता को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की घटना का वीडियो बनाने के साथ ही संक्षिप्त विवरण के बाद इसे ऐप में अपलोड करना होगा। शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल पर एक यूनिक आईडी मिलेगी।
इसके उपयोग से वह प्रक्रिया का अपडेट ले सकेगा। ऐप पर शिकायत आते ही वह संबंधित फील्ड यूनिट को भेज दी जाएगी। कुछ ही मिनटों में उड़न दस्ता उस स्थान तक जाएगा और कार्यवाही को अंजाम देगा। फील्ड यूनिट इस कार्यवाही से संबंधित जानकारी रिटर्निग ऑफिसर को देगी। इस ऐप में शिकायतकर्ता की शिकायत को गुप्त रखने का प्रावधान भी किया गया है।इस ऐप का प्रयोग 2019 के चुनाव में भी किया गया था।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल कोई भी कर सकता है। आचार संहिता लगते ही इस एप को प्रभावी कर दिया गया है। इसको गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान शराब बांटना, रुपये बांटना, साड़ी या वस्त्र बांटना, किसी के घर की दीवार पर बिना अनुमति के पोस्टर चिपकाना, अपने हक में मतदान के लिए किसी भी तरह का प्रलोभन या धमकी देना, प्रचार के दौरान आपत्तिजनक भाषण देना अपराध कहलाएगा।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ऐप खोलेगा और एक फोटो या वीडियो रिकॉर्ड करेगा। यह फोटो जीपीएस के ऑटोमैटिक लोकेशन मैपिंग के साथ ऐप पर अपलोड करेगा। इसके बाद मोबाइल पर एक यूनिक आईडी आएगी। इसकी मदद से वह आगे की प्रक्रिया को अपडेट कर सकेगा।शिकायतकर्ता एप से जब शिकायत करेगा, तो सूचना नियंत्रण कक्ष में बीप करेगा, जहां से संबंधित फील्ड यूनिट को भेजा जाएगा।
सभी फील्ड यूनिट के पास एक जीपीएस आधारित मोबाइल एप्लीकेशन होगा, जिसे सी-विजिल डिस्पेचर कहते हैं। इससे फील्ड यूनिट को लोकेशन सहित शिकायत प्राप्त हो जाएगी फील्ड यूनिट की ओर से की गई कार्यवाही के निस्तारण के लिए रिटर्निंग ऑफिसर को सी-विजिल डिस्पेचर के माध्यम से की गई कार्यवाही की रिपोर्ट दी जाएगी। घटना सही होने पर अग्रिम कार्रवाई के लिए सूचना भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल पर भेजी जाएगी।


