उन्नाव:- गंगा नदी फिर खतरे के निशान के करीब, बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त!!

उन्नाव से जिला संवाददाता अनुज तिवारी
गंगा नदी एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। पश्चिमी गंगाघाट के कई मुहल्लों में बाढ़ का पानी भरने से वहां के निवासी बेहाल हो गए हैं। एक सैकड़ा से अधिक मकान जलमग्न हो चुके हैं और लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों और छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इस वक्त गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 2cm ऊपर बह रही है, जो और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। गंगानगर, श्रीनगर, मालवीय नगर समेत कई अन्य मुहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन क्षेत्रों में बाढ़ के पानी की भराव से हजारों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 27 नावों की व्यवस्था की है, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को कुछ राहत मिल सके। बच्चे भी अब नाव से स्कूल जाने को मजबूर हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने के लिए लोग मुख्यतः नावों का ही सहारा ले रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों की कोशिशों के बावजूद बाढ़ के पानी का खतरा अभी भी बना हुआ है। राहत कार्यों को तेज किया गया है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। निवासियों और स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो और भी कई मुहल्लों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। राहत कार्यों में और तेजी लाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


