Children’s Allergy पर लखनऊ में सफल कार्यशाला का आयोजन – विशेषज्ञों ने साझा किए उपचार के आधुनिक तरीके
Successful Workshop on बच्चों में एलर्जी Organized in Lucknow – Expert Doctors Share Insights

Children’s Allergy पर कार्यशाला का सफल आयोजन
लखनऊ, 17 अक्टूबर, 2024 – राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के बाल रोग विभाग द्वारा बच्चों में एलर्जी और सह-रोगों पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन 45वें यूपी राज्य बाल चिकित्सा वार्षिक सम्मेलन “यूपी पैडिकॉन 2024” के तहत किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों में एलर्जी एक गंभीर समस्या है, जो अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसका समय पर निदान और उचित उपचार न मिलने से बच्चों के जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रो. सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को एलर्जी की पहचान, निदान और उपचार की आधुनिक विधियों से अवगत कराना है, ताकि बच्चों में एलर्जी जैसी समस्याओं से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
इस अवसर पर, संस्थान के डीन, डॉ. प्रद्युमन सिंह ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कार्यशाला की प्रशंसा की। बाल रोग विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ, जैसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संजय निरंजन, डॉ. आशीष वर्मा, और डॉ. दीप्ति (विभागाध्यक्ष) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यशाला के आयोजन सचिव, डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव, और फिजियोलॉजी विभाग की डॉ. सुनीता तिवारी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यशाला में बच्चों में एलर्जी के विभिन्न प्रकारों, जैसे श्वसन, नाक और त्वचा की एलर्जी की पहचान और उनके निदान पर गहन चर्चा की गई। इसके अलावा, स्किन प्रिक टेस्ट और लंग फंक्शन टेस्ट जैसी आधुनिक परीक्षण विधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया। श्री गंगाराम अस्पताल, दिल्ली के डॉ. नीरज गुप्ता और केरल के डॉ. कृष्णा मोहन ने भी कार्यशाला में अपने अनुभव साझा किए और डॉक्टरों को बच्चों में एलर्जी के उपचार के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के डॉक्टरों को Children’s Allergy और उसके सह-रोगों के निदान और उपचार के बारे में जागरूक करना था। इस कार्यशाला को विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और इसे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत करने के लिए एक बड़ी पहल माना।
बच्चों में एलर्जी पर आयोजित इस कार्यशाला की व्यापक सराहना की गई, और इसे एक सफल और प्रभावी स्वास्थ्य अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।




