LSA पर पार्षद का हमला: “जब पार्षद के घर का कूड़ा नहीं उठा, तो आम जनता का क्या हाल होगा?”
मनीष मिश्राAugust 4, 2026Last Updated: August 4, 2026
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महात्मा गांधी विक्रमादित्य वार्ड में डोर-टू-डोर व्यवस्था पर सवाल, पांच दिन से शिकायतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात
लखनऊ। नगर निगम के जोन-7 अंतर्गत महात्मा गांधी विक्रमादित्य वार्ड संख्या-17 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को लेकर लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड (LSA) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड के पार्षद अमित चौधरी ने अपनी फेसबुक वॉल पर कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पिछले पांच दिनों से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे हैं।
पार्षद का कहना है कि वार्ड के जियामऊ, बदरिया बाग, क्रिश्चियन कॉलोनी, उदयगंज, कैंट रोड, नई बस्ती और बर्फखाना समेत कई इलाकों से घर-घर कूड़ा न उठने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि जियामऊ में ही LSA कंपनी का कार्यालय है, जहां से शहर में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का संचालन होता है, लेकिन उसी वार्ड में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है।
🟥 “मेरे घर का कूड़ा नहीं उठा, जनता का क्या हाल होगा?”
पार्षद अमित चौधरी ने लिखा कि उनके अपने घर का कूड़ा भी लगातार दो दिनों तक नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने LSA के एमडी अभय रंजन से बात की। एमडी ने दस मिनट में कूड़ा उठने का आश्वासन दिया, लेकिन करीब एक घंटा बीत जाने के बाद भी व्यवस्था धरातल पर दिखाई नहीं दी। पार्षद ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि की शिकायत का यह हाल है तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
🟥 नए जोनल इंचार्ज भी नहीं संभाल पाए व्यवस्था
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि LSA के नए जोनल इंचार्ज अभी तक क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और संचालन व्यवस्था को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। इसका असर सीधे सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अनियमित होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
🟥 क्या ZSO की भी नहीं सुन रही कंपनी?
नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि कंपनी की कार्यशैली ऐसी हो गई है कि जोनल सेनेटरी अफसर कुलदीपक के निर्देशों का भी अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा। यदि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधर रही है तो यह अनुबंध के पालन और निगरानी व्यवस्था दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
🟥 लाखों का भुगतान, फिर भी सेवा सवालों के घेरे में
पार्षद ने तंज कसते हुए कहा कि LSA नगर निगम से भुगतान लेने में तो सबसे आगे है, लेकिन सेवा देने के समय व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आती है। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि नगर निगम के कर्मचारी सहयोग न करें तो मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण वार्ड की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
🟥 निगरानी पर उठे सवाल
जब LSA के अपने कार्यालय वाले वार्ड में ही घर-घर कूड़ा समय पर नहीं उठ रहा, तो शहर के बाकी इलाकों में कंपनी की वास्तविक कार्यप्रणाली कैसी होगी? नगर निगम आखिर अनुबंध की शर्तों का पालन कब सुनिश्चित कराएगा?
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।