नगर निगम पार्षदों के लिए “वित्त एवं बजट संवाद” कार्यशाला — Pragya Foundation ने सिखाया पारदर्शी Budget Planning | Lucknow Nagar Nigam News

नगर निगम पार्षदों के लिए “वित्त एवं बजट संवाद” कार्यशाला — पार्षदों ने रखा अपने सुझावों का पिटारा
By मनीष मिश्रा | सूचना इंडिया | लखनऊ
लखनऊ नगर निगम में बुधवार को पार्षदों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रज्ञा फाउंडेशन (Pragya Foundation) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का विषय था — “नगर निगम वित्त एवं बजट पर चर्चा एवं संवाद (Municipal Finance and Budget Workshop)”।
इस एक दिवसीय सत्र में विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था, बजट प्रक्रिया और राजस्व स्रोतों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
पार्षदों ने साझा किए अपने अनुभव और सुझाव
कार्यशाला में पार्षदों ने बताया कि पारदर्शी वित्तीय योजना और जवाबदेही से Urban Governance में सुधार संभव है।
हिंद नगर वार्ड के पार्षद सौरभ सिंह मोनू ने कहा —

“कार्यशाला में नगर निगम के वित्तीय ढांचे और बजट से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। प्रज्ञा फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है, जो जनप्रतिनिधियों को बजट प्रक्रिया की बारीकियों से जोड़ता है।”
विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने लिया हिस्सा
इस “Finance and Budget Dialogue” कार्यशाला में पार्षद यावर हुसैन, रेशु मुन्ना मिश्रा, शैलेन्द्र वर्मा, रंजीत सिंह, राकेश मिश्रा, मुकेश सिंह, संजय सिंह राठौर, प्रमोद सिंह राजन और हरीश अवस्थी समेत कई अन्य पार्षद उपस्थित रहे।
सभी ने सामूहिक चर्चाओं में भाग लिया और अपने वार्ड की Budget Priorities और विकास योजनाओं पर सुझाव प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने रखी बजट प्रक्रिया की बारीकियां
Pragya Foundation के विशेषज्ञों ने नगर निगम की Financial Planning, Revenue Management, और Budget Allocation System पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि —
“यदि नगर निगम की बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी को बढ़ाया जाए, तो नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार संभव है।”
विशेषज्ञों ने नगर निगम के Revenue Sources, Expenditure Control, और Participatory Budgeting Model पर भी चर्चा की।
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पारदर्शी बजट से बढ़ेगा नागरिक भरोसा
कार्यशाला के समापन पर पार्षदों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहना चाहिए।
इससे न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली बेहतर होगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका (Role of Municipal Councillors) भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।
सभी पार्षदों ने इस आयोजन को Good Governance और Financial Accountability की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।




