आजादी की पूर्व संध्या पर सवाल—जोन-3 को ‘कूड़े’ से कब मिलेगी आजादी?
Mishra Manish1 hour agoLast Updated: August 14, 2026
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विवेकानंद मठ की बगल वाली गली से चंद्रलोक गार्डन तक कूड़े के ढेर; LSA की डोर-टू-डोर व्यवस्था पर सवाल, कूड़े पर पेड़ डालकर कमियां छिपाने का नया ‘तरीका’ आया सामने
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूरा शहर तिरंगे के रंग में रंगा है। महापौर सुषमा खर्कवाल लगातार शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए निरीक्षण कर रही हैं और नगर आयुक्त गौरव कुमार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कार्यप्रणाली अपना रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम जोन-3 में जमीनी तस्वीर उनके प्रयासों से बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड (LSA) की कार्यप्रणाली पर एक के बाद एक तस्वीरें सवाल खड़े कर रही हैं।
🔴 विवेकानंद मठ के बगल की गली बनी ‘डंपिंग यार्ड’
सूचना इंडिया की टीम ने जोन-3 का जायजा लिया तो विवेकानंद मठ के बगल वाली गली में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा मिला। हालात देखकर ऐसा लगा जैसे सड़क का हिस्सा ही अस्थायी डंपिंग यार्ड में बदल गया हो। आसपास के पार्क में भी कूड़ा फैला मिला। सवाल यह है कि जब डोर-टू-डोर कलेक्शन और कूड़ा उठान की जिम्मेदारी LSA के पास है, तो इतनी मात्रा में कूड़ा आखिर यहां जमा कैसे हो रहा है?
🔴 कूड़े के ऊपर पेड़ डालने का खेल? स्थानीय लोगों के आरोप ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस दौरान एक नई और चौंकाने वाली बात स्थानीय लोगों ने बताई। उनका आरोप है कि जमा कूड़े के ऊपर पेड़ों की डालियां डाल दी जाती हैं, जिससे नीचे पड़ा कूड़ा दिखाई नहीं देता। इससे पहली नजर में पूरा ढेर उद्यान विभाग से निकली हरियाली अथवा पेड़ों की कटाई-छंटाई का कचरा प्रतीत होता है।
अगर स्थानीय लोगों का यह आरोप सही है तो मामला केवल सफाई में लापरवाही तक सीमित नहीं रहता। सवाल उठता है कि क्या कूड़े को हटाने के बजाय पेड़ों की डालियों के नीचे छिपाकर LSA की कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है? नगर निगम को इसकी जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि डालियां किसने और क्यों डालीं।
🔴 रविदास मंदिर मोड़ से जोनल कार्यालय की राह में ट्रांसफार्मर के पास कूड़े का पहाड़
सूचना इंडिया की टीम जब रविदास मंदिर मोड़ से जोनल कार्यालय की ओर बढ़ी, तो रास्ते में एक ट्रांसफार्मर के पास भी कूड़े का बड़ा ढेर दिखाई दिया। यह तस्वीर LSA की कूड़ा उठान व्यवस्था को समझने के लिए काफी है। मुख्य मार्ग और जोनल कार्यालय की तरफ जाने वाले रास्ते पर यदि कूड़ा लंबे समय तक पड़ा है तो अंदरूनी गलियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
🔴 पार्षद पृथ्वी गुप्ता के क्षेत्र में चंद्रलोक गार्डन भी गंदगी की गिरफ्त में
इसके बाद टीम पार्षद पृथ्वी गुप्ता के क्षेत्र में पहुंची। यहां चंद्रलोक गार्डन के आसपास भी कूड़े और गंदगी के ढेर दिखाई दिए। स्थानीय तस्वीरें बता रही थीं कि इलाके में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था प्रभावी नहीं है और नियमित सफाई भी सवालों के घेरे में है।
जब घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है तो फिर पार्कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा पहुंच कहां से रहा है? LSA को इसका जवाब देना चाहिए।
🔴 कल 15 अगस्त का कार्यक्रम, चंद्रशेखर पार्क के पीछे आज गंदगी
चंद्रलोक गार्डन के ठीक सामने स्थित चंद्रशेखर पार्क में 15 अगस्त का कार्यक्रम होना है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले पार्क के पीछे गंदगी का अंबार दिखाई दिया। एक ओर आजादी का उत्सव मनाने की तैयारी और दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल के पीछे फैली गंदगी—जोन-3 की सफाई व्यवस्था पर यह तस्वीर अपने आप में टिप्पणी करती नजर आती है।
🔴 पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया का बोर्ड, बगल में गंदगी और झाड़ियों का जंगल
इसी क्षेत्र में पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया का पुराना बोर्ड लगा दिखाई दिया और उसके ठीक बगल में झाड़ियों तथा गंदगी से भरा हिस्सा नजर आया। सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई और झाड़ियों की कटाई तक नहीं हो पा रही है तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
🔴 महापौर मैदान में, नगर आयुक्त सख्त—फिर LSA पर असर क्यों नहीं?
महापौर सुषमा खर्कवाल लगातार वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था देख रही हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार भी निरीक्षण, समीक्षा और कार्रवाई के जरिए सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद जोन-3 में LSA की डोर-टू-डोर कलेक्शन और कूड़ा उठान व्यवस्था की ऐसी तस्वीरें सामने आना बताता है कि निर्देश और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बड़ी खाई बनी हुई है।
अब सवाल सिर्फ कूड़ा उठाने का नहीं, LSA की मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने का भी है। कंपनी को भुगतान व्यवस्था के साथ उसके वास्तविक जमीनी प्रदर्शन की जांच भी जरूरी दिखाई देती है।
🔴 आजादी का जश्न कल, जोन-3 पूछ रहा—‘कूड़े से आजादी’ कब?
15 अगस्त को देश आजादी का पर्व मनाएगा। चंद्रशेखर पार्क में तिरंगा फहराया जाएगा, देशभक्ति के नारे गूंजेंगे। मगर उसके आसपास की गलियां, पार्क और सार्वजनिक स्थान एक अलग सवाल पूछ रहे हैं—
जब महापौर मेहनत कर रही हैं, नगर आयुक्त सख्ती दिखा रहे हैं, फिर जोन-3 में LSA की व्यवस्था जमीन पर क्यों नहीं सुधर रही?
आजादी के इस पर्व पर जोन-3 को कूड़े, गंदगी और बदहाल डोर-टू-डोर कलेक्शन से आखिर कब ‘आजादी’ मिलेगी?
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।