उन्नाव:- पुलिस को गुमराह कर जबरन रंगदारी वसूलने के नये पैतरे अजमा रहे वांछित।।


उन्नाव से अनुज तिवारी की रिर्पोट…
शुक्लागंज क्षेत्र में रंगदारी संबंधी मामले दिन ब दिन परवान चढते जा रहे है, रंगदार हर बार वसूली का नया पैतरा आजमाते है, ताजा मामाला क्षेत्र के वांछित अभियुक्त शेखर निषाद और गुड्डू निषाद पुत्र शिवनारायण निषाद निवासी महेश खेडा शुक्लागंज का है, दोनों अभियुक्त बडी ही चालाकी से फर्जी जमीन का स्टे दिखाकर पास की निर्माणाधीन जमीन को इंगित कर पुलिस को सही तथ्यों से गुमराह करते हुए निर्माण कार्य को रूकवाने का काम करते है,
निर्बाध निर्माण कार्य के लिए अधिकांशत भूमि स्वामी इसे रंगदारी भी देते रहे है, लेकिन तथ्यों से छेडछाड कर हर बार नये थानेदारों की तैनाती के समय निषाद बंधु रंगदारी के इस पैतरे को अजमाते है।
गौरतलब है कि सी जे एम कोर्ट से 23 दिसबंर 2022 से वांछित चल रहे अभियुक्त शेखर निषाद, गुड्डु निषाद संबंधित थाने में प्रश्नगत जमीन पर धडल्ले से निर्माण कार्य करने के साबूत देकर थाने को गुमराह करते हुए गलत निशानदेही कर वैध निर्माणों को रूकवाने का काम करता है और आत्महत्या आदि का डर दिखाकर पुलिस को गुमराह करते हुए कई बार निर्माण कार्य रूकवा चुका है। ज्ञातव्य हो कि शुक्लागंज पीपर खेडा गैर एहत माली में निषाद बंधुओं की भूमि संख्या 639 रकबा 0.2100 हेक्टेयर व भूमि संख्या 640 जिसका रकबा संख्या 0.1000 हेक्टेयर है पर कोर्ट का स्टे है।
जबकि ये दोनों चालबाज पैसा वसूली के लिए जमीन संख्या 657 ख पर चल रहे निर्माण कार्य को अवैध बताकर इसे रूकवाने का काम करते है, आज गाटा संख्या 657 ख के वादी यशवंत सिंह की एक याचिका पर सुनावाई करते हुए कोर्ट ने कोतवाल को तलब कर प्रश्नगत भूमि पर 30.01.2023 तक विधितः चिन्हित कराने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
चूंकि थानाध्यक्ष द्वारा यह शिनाख्त नही की जा सकती है कि भूमि नं0 639 और 640 कौन सी भूमि है यह कार्य राजस्व विभाग का है। पुलिस के पास ऐसी कोई व्यवस्था नही है कि वो जमीनों की निशानदेही करे, ऐसी स्थितियों का लाभ उठाकर शेखर निषाद, गुड्डू निषाद जैसे लोग गलत तथ्यों को फैलाकर पुलिस को गुमराह कर देते रहे है।
आज न्यायालय ने इस विवाद पर विराम लगाते हुए वादी को 30 जनवरी तक अपनी जमीन को चिन्हित कराने का आदेश जारी किया।



