World Cancer Day 2026: KGMU का बड़ा संदेश | Cancer Awareness India
World Cancer Day 2026: तंबाकू और शराब छोड़ना ही कैंसर से बचाव का सबसे मजबूत कदम, KGMU ने दिया स्पष्ट संदेश
मनीष मिश्रा | लखनऊ
हर साल लाखों जिंदगियां लीलने वाली बीमारी कैंसर आज भी एक गंभीर वैश्विक चुनौती बनी हुई है। विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी 2026) के अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने एक बार फिर साफ शब्दों में संदेश दिया—
“तंबाकू, धूम्रपान और शराब का सेवन कैंसर के सबसे बड़े रोके जा सकने वाले कारण हैं, और इन्हें छोड़ना जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।”
इस वर्ष World Cancer Day 2025–2027 की थीम “United by Unique” है, जो यह बताती है कि हर कैंसर रोगी की जरूरतें अलग होती हैं और उपचार भी उसी अनुसार होना चाहिए।
समय पर पहचान और इलाज से बच सकती हैं लाखों जानें
KGMU के पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश ने कहा कि
कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए शीघ्र निदान और समय पर उपचार सबसे अहम हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि साक्ष्य-आधारित चिकित्सा और विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय से उपचार के परिणामों में बड़ा सुधार संभव है।
कैंसर क्या है और क्यों है इतना खतरनाक?
कैंसर तब होता है जब शरीर की सामान्य कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर (गांठ) बना लेती हैं। समय रहते इलाज न हो, तो यह बीमारी रक्त और लसीका तंत्र के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती है।
डराने वाले आंकड़े जो चेतावनी देते हैं
WHO की एजेंसी IARC के अनुसार:
- हर साल दुनिया में लगभग 2 करोड़ नए कैंसर मरीज सामने आते हैं
- 2050 तक यह संख्या 3.5 करोड़ तक पहुंच सकती है
- कैंसर से हर वर्ष लगभग 1 करोड़ मौतें होती हैं
- 40% से अधिक कैंसर मौतें ऐसे कारणों से जुड़ी हैं जिन्हें बदला जा सकता है
भारत की बात करें तो:
- हर साल 14–15 लाख नए कैंसर मरीज
- करीब 9 लाख मौतें प्रतिवर्ष
- 60% से अधिक मरीज स्टेज III या IV में पहुंचने पर सामने आते हैं
तंबाकू और शराब: सबसे बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार:
- तंबाकू सेवन से भारत में हर साल 13 लाख मौतें होती हैं
- शराब का सेवन कम से कम 7 प्रकार के कैंसर से जुड़ा है
- शराब की कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है
यही कारण है कि कैंसर रोकथाम में लाइफस्टाइल बदलाव सबसे बड़ा हथियार माना जाता है।
कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज
- शरीर में असामान्य गांठ
- बिना कारण वजन घटना
- लगातार खांसी या सांस फूलना
- बार-बार थकान
- बिना वजह रक्तस्राव
- ऐसा घाव जो ठीक न हो
विशेषज्ञ कहते हैं—“लक्षण छोटा लगे, तब भी जांच जरूरी है।”
कैंसर की पहचान और इलाज में आधुनिक तकनीक
KGMU में कैंसर की पहचान के लिए:
- CT, MRI, PET-CT
- एंडोस्कोपी और बायोप्सी
- आणविक और आनुवंशिक जांच
इलाज के विकल्पों में:
- सर्जरी
- कीमोथेरेपी
- रेडिएशन
- इम्यूनोथेरेपी
- टार्गेटेड थेरेपी
फेफड़ों के कैंसर में KGMU की अहम भूमिका
KGMU का पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग फेफड़ों के कैंसर के निदान और उपचार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
यहां एडवांस ब्रोंकोस्कोपी, EBUS-गाइडेड स्टेजिंग, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी और अत्याधुनिक ICU सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर समग्र देखभाल मिलती है।
World Cancer Day पर प्रेस वार्ता और विशेषज्ञों की मौजूदगी
विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित प्रेस वार्ता में:
- प्रो. (डॉ.) राजेन्द्र प्रसाद
- प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश
- प्रो. (डॉ.) समीर गुप्ता
- प्रो. शैलेन्द्र यादव
- डॉ. सीमा गुप्ता
जैसे वरिष्ठ विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस अवसर पर पद्मश्री सम्मान से अलंकृत प्रो. (डॉ.) राजेन्द्र प्रसाद को सम्मानित भी किया गया।
AIPCON 2026 की घोषणा
इस कार्यक्रम में यह भी घोषणा की गई कि KGMU वर्ष 2026 में AIPCON (Advanced Interventional Pulmonology Conference) की मेजबानी करेगा, जो इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी और कैंसर देखभाल के क्षेत्र में एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन होगा।
एक संदेश जो जीवन बचा सकता है
विशेषज्ञों का एकमत संदेश साफ है—
कैंसर से डरने की नहीं, समय रहते जांच कराने और गलत आदतें छोड़ने की जरूरत है।
तंबाकू छोड़ना, शराब से दूरी और नियमित जांच—यही कैंसर से लड़ाई का सबसे मजबूत रास्ता है।




