डालीगंज में ‘विकास’ पानी में डूबा, अफसरों की अनदेखी से गलियां बनीं तालाब
मनीष मिश्राAugust 23, 2026Last Updated: August 23, 2026
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बौनी मस्जिद वाली गली में जलभराव से जिंदगी बेहाल; जोन-3 के अभियंत्रण, जलकल और सफाई व्यवस्था पर सवाल, पार्षद से भी नाराजगी
डालीगंज-निराला नगर वार्ड की बौनी मस्जिद वाली गली में जलभराव ने नगर निगम और जलकल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। सड़क और गलियों में जमा पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
🔴 अधिशासी अभियंता से सवाल—आखिर जल निकासी की जिम्मेदारी किसकी?
नगर निगम जोन-3 के अभियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन मौके के हालात बता रहे हैं कि नालियों और जल निकासी मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में सवाल है कि जोन-3 के अधिशासी अभियंता और उनकी टीम आखिर कब क्षेत्र की सुध लेगी?
🔴 जलकल की व्यवस्था पर भी सवाल, पानी निकले तो कैसे?
क्षेत्र में नालियों और सीवर से जुड़ी समस्याओं को लेकर जलकल विभाग पर भी स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। यदि नाले-नालियां समय से साफ हों और पानी के निकास का रास्ता बाधित न हो तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
🔴 जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक की मॉनिटरिंग कहां?
जोन-3 के जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक की फील्ड मॉनिटरिंग भी सवालों में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और नालियों से सिल्ट हटाने का काम प्रभावी तरीके से होता तो मामूली बारिश में गली तालाब में तब्दील नहीं होती।
🔴 पार्षद से गुहार के बाद भी राहत नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने डालीगंज-निराला नगर वार्ड की पार्षद अभिलाषा कटियार तक अपनी परेशानी पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली। जनता का सवाल है कि जब वार्ड की गलियों में चलना तक मुश्किल हो जाए तो जनप्रतिनिधि की जवाबदेही आखिर कब तय होगी?
🔴 बिजली के खंभे बढ़ा रहे खतरा
सबसे गंभीर चिंता जलभराव वाले हिस्से में मौजूद बिजली के खंभों और तारों को लेकर है। स्थानीय लोगों को डर है कि किसी तकनीकी खराबी या करंट लीकेज की स्थिति में जमा पानी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में समस्या को केवल सफाई नहीं, बल्कि जनसुरक्षा के नजरिए से भी तत्काल देखने की जरूरत है।
🔴 ऊपर सक्रियता, नीचे अधिकारियों की सुस्ती क्यों?
शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए नगर आयुक्त स्तर पर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की बात सामने आती रही है, वहीं महापौर भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय दिखाई देती हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब नीचे के अधिकारी जनता की शिकायतों पर समय से कार्रवाई नहीं करेंगे तो शीर्ष स्तर की कोशिश जमीन पर कैसे दिखाई देगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जलभराव वाले स्थानों से तत्काल पानी निकलवाने और जनता को राहत देने पर जोर दिया है। इसके बावजूद डालीगंज की इस गली की तस्वीर बताती है कि निर्देशों को जमीन तक पहुंचाने में जिम्मेदार विभाग कहीं न कहीं पीछे हैं।
अब सवाल सिर्फ जलभराव का नहीं है—सवाल जवाबदेही का है। क्या जोन-3 के जिम्मेदार अधिकारी किसी हादसे के बाद जागेंगे, या उससे पहले डालीगंज की जनता को राहत मिलेगी?
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।