चोलापुर में मिड डे मील रसोइयों को मिला सम्मान और सुविधाओं का तोहफा


मानदेय बढ़कर हुआ तीन हजार रुपये, पांच लाख तक के कैशलेस इलाज कीसुविधा; यूनिफॉर्म के लिए भी मिलेगी आर्थिक सहायता*

वाराणसी के चोलापुर ब्लॉक संसाधन केंद्र के सभागार में रविवार को मिड डे मील योजना के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रसोइयों को सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी देने के साथ ही चेक, मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड और यूनिफॉर्म वितरित कर उन्हें सम्मानित किया गया। सुविधाएं मिलने पर रसोइयों में उत्साह का माहौल रहा।
समारोह में अजगरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक त्रिभुवन राम के प्रतिनिधि ने रसोइयों को चेक, मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड तथा यूनिफॉर्म प्रदान की। कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से पात्र रसोइया प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार करा सकेंगे। इस सुविधा को रसोइयों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

मानदेय में हुई वृद्धि
समारोह में रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि उनका मासिक मानदेय दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये कर दिया गया है। बढ़े हुए मानदेय को लेकर रसोइयों में खुशी देखी गई। इसके अलावा यूनिफॉर्म आदि के लिए प्रत्येक रसोइया को प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी गई। यह धनराशि सीधे संबंधित रसोइयों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान कुछ रसोइयों को यूनिफॉर्म भी वितरित की गई।

बच्चों के स्वास्थ्य में रसोइयों की अहम भूमिका
खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज ने कहा कि विद्यालयों में कार्यरत रसोइया शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उन्हें शिक्षा परिवार के अदृश्य नायक और नायिका बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रसोइयों के कंधों पर है। इसलिए भोजन तैयार करने से लेकर उसके वितरण तक स्वच्छता, गुणवत्ता और सावधानी का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने रसोइयों से पूरी ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है, जिसमें रसोइयों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

शिक्षकों ने भी बढ़ाया उत्साह
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह और महामंत्री रमेश यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रसोइयों की जिम्मेदारियों और उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को समय से भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों का योगदान सराहनीय है और उनके सम्मान से उनका मनोबल बढ़ेगा।
कार्यक्रम का संचालन भारतीश मिश्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने किया। इस अवसर पर बसंत यादव, बनारसी बंधू चौबे, हरिश्चंद्र मिश्रा, रसोइया संघ के जिला अध्यक्ष सहित चोलापुर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में रसोइया और शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान रसोइयों ने सरकार की ओर से मानदेय में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह को विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के योगदान को सम्मान देने और उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।




