नगर निगम मुख्यालय के सामने सड़कों पर बह रहा ‘स्मार्ट सिटी’ का सपना

जहां बैठते हैं महापौर और नगर आयुक्त, वहीं चंद कदम दूर गंदगी-बदबू; सवाल—जोन-1 के जिम्मेदारों को आखिर दिखाई क्यों नहीं दे रही यह तस्वीर?
लखनऊ। राजधानी को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के दावों के बीच नगर निगम मुख्यालय के सामने की तस्वीर ही व्यवस्था से सवाल पूछ रही है। जिस मुख्यालय में महापौर सुषमा खारवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार बैठते हैं, उससे चंद कदम की दूरी पर सड़क पर गंदगी और बदबू राहगीरों का स्वागत कर रही है।


हैरानी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह कोई शहर का दूर-दराज इलाका नहीं, बल्कि नगर निगम के प्रशासनिक केंद्र के ठीक सामने का क्षेत्र है। आसपास ऐसी प्रसिद्ध दुकानें और प्रतिष्ठान हैं, जहां लखनऊ ही नहीं बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं। ऐसे में सवाल है कि यहां से गुजरने वाला व्यक्ति राजधानी की स्वच्छता और ‘स्मार्ट सिटी’ की कैसी तस्वीर अपने साथ लेकर जाएगा?

🔴 जोन-1 में जिम्मेदारी किसकी?
यह इलाका नगर निगम जोन-1 के अंतर्गत आता है। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अफसर और सफाई निरीक्षक तक पूरी व्यवस्था मौजूद है। फिर मुख्यालय की नाक के नीचे ऐसी स्थिति बनी हुई है तो फील्ड मॉनिटरिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

क्या जिम्मेदार अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं? यदि कर रहे हैं तो गंदगी और बदबू की यह स्थिति उनकी नजर में क्यों नहीं आई? और यदि नहीं कर रहे हैं तो फिर सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग आखिर कागजों पर हो रही है या जमीन पर?

🔴 मुख्यालय के सामने यह हाल तो बाकी शहर का क्या?
नगर निगम शहर भर में स्वच्छता अभियान चलाता है, अधिकारियों की बैठकें होती हैं और सफाई को लेकर लगातार निर्देश जारी किए जाते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जब मुख्यालय के आसपास ही व्यवस्था कसौटी पर खरी नहीं उतर रही तो शहर के अंदरूनी इलाकों से कितनी उम्मीद की जाए?

🔴 राजधानी की इस तस्वीर के बीच पुरानी मशहूर लाइन एक बार फिर याद आती है—
“मुस्कुराइए… आप लखनऊ में हैं!”
बस फर्क इतना है कि इस बार मुस्कुराहट के साथ सवाल भी है—
नगर निगम मुख्यालय के सामने सड़कों पर बहती यह तस्वीर आखिर बदलेगी कब?



