गंदगी देख भड़के मंत्री सुरेश खन्ना — LSA पर ₹10 लाख जुर्माना | स्वच्छ लखनऊ मिशन पर उठे सवाल
गंदगी देख भड़के मंत्री सुरेश खन्ना — LSA पर ₹10 लाख जुर्माना, नगर निगम को सख्त चेतावनी | दीपावली से पहले स्वच्छ लखनऊ मिशन पर उठे सवाल
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्वच्छता अभियान (Cleanliness Drive) की हकीकत शनिवार को प्रदेश के वित्त मंत्री व लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) के औचक निरीक्षण के दौरान उजागर हो गई।
रकाबगंज, सचिवालय कॉलोनी, डालीगंज, चौपटिया और कालीचरण मार्केट जैसे इलाकों में जगह-जगह फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों ने Swachh Lucknow Mission के दावों की पोल खोल दी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार और मुख्य अभियंता महेश वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रकाबगंज में सड़क किनारे पड़े कूड़े को देख भड़के मंत्री
आर्य समाज मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर को देखकर मंत्री सुरेश खन्ना ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा —
“इतने प्रमुख क्षेत्र में सफाई का यह हाल अस्वीकार्य है। जिम्मेदार अफसर अपनी कार्यशैली में सुधार करें, अन्यथा कार्रवाई तय है।”
डालीगंज और चौक क्षेत्र में भी उजागर हुई लापरवाही
जोन-3 डालीगंज आईटी चौराहा मार्ग पर मुख्य सड़क के बीचों-बीच पड़े कूड़े के ढेर ने अफसरों की नींद उड़ा दी। मंत्री, महापौर और नगर आयुक्त — तीनों ने मौके पर ही सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
चौक के राम-राम बैंक चौराहा पर स्थानीय नागरिकों ने भी शिकायत की कि “नालियों की सफाई नियमित नहीं हो रही है और कई जगह जलभराव बना रहता है।”
मंत्री ने दिए ‘नाइट स्वीपिंग’ के निर्देश, ठेकेदारों पर कार्रवाई के आदेश
कालीचरण मार्केट और चौपटिया रोड के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्देश दिया कि नाइट स्वीपिंग सिस्टम (Night Sweeping System) तुरंत लागू किया जाए ताकि सुबह मुख्य सड़कों पर गंदगी न दिखे।
उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों ने काम में लापरवाही बरती है, उनके अनुबंध तुरंत समाप्त किए जाएं।
LSA पर ₹10 लाख जुर्माना, निगम को सख्त चेतावनी
Lucknow Swachhata Abhiyan Pvt. Ltd. (LSA / Ramky) पर मंत्री ने ₹10 लाख का जुर्माना लगाने के आदेश दिए।
मंत्री ने स्पष्ट कहा —
“दीपावली जैसे त्योहार पर सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वच्छ लखनऊ के लिए जिम्मेदारी केवल कागजों में नहीं, जमीनी स्तर पर दिखनी चाहिए।”
पार्षदों ने भी पहले उठाए थे सवाल
नगर निगम के कई पार्षदों (Municipal Councillors) ने पहले ही कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
पार्षद योगिता यादव ने बताया कि “वार्ड में कूड़ा वाहन प्रतिदिन नहीं आता और सफाई भी अनियमित है।”
फिर भी, सूत्रों के अनुसार, निगम कंपनी को पांच जोनों के 77 वार्डों का सफाई ठेका फिर से देने की तैयारी कर रहा है।
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सिस्टम सुधारने की ज़रूरत, केवल जुर्माना काफी नहीं
लखनऊ की सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार के दावे तो बड़े हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी निराशाजनक है।
निरीक्षण के दौरान गंदगी और लापरवाही का आलम यह बताने के लिए काफी है कि “स्वच्छ लखनऊ मिशन” केवल पोस्टर और विज्ञापनों तक सीमित न रह जाए।
अब समय है कि Lucknow Municipal Corporation प्रशासनिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए।




