नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा और सख्त कदम
Indrajeet Singh Implements Strict Measures Under the Zero Tolerance Policy

लखनऊ: नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार (corruption) और सफाई व्यवस्था (cleanliness system) में हो रही गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह (Indrajeet Singh) ने एक नई और क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। अब सफाई कर्मियों का वेतन (salary) ई-वेतन ऐप (e-salary app) के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे उन कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो पहले ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों के कारण अपने पूरे वेतन से वंचित रह जाते थे।
पारदर्शिता और सख्त कार्यशैली
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की सख्त कार्यशैली और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता से सभी लोग परिचित हैं। इस नई पहल के तहत अब कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से लगे सफाई कर्मियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों (bank accounts) में जाएगा। इससे सफाई कर्मियों की उपस्थिति और काम के घंटे को भी मॉनिटर किया जा सकेगा, जिससे वेतन में किसी भी तरह की कटौती या भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। नगर निगम के इस कदम से वे अधिकारी और माननीय असहज महसूस कर रहे हैं, जो सफाई के नाम पर कमीशनखोरी (commission-taking) और बंदरबांट कर रहे थे।
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ई-वेतन ऐप की उपयोगिता
ई-वेतन ऐप के इस्तेमाल से सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और नगर निगम के भ्रष्ट तंत्र पर चोट पहुंचेगी। इस पहल का उद्देश्य लखनऊ की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सफाई कर्मियों को उनका हक पूरा मिले और सफाई व्यवस्था में लगे लोग बिना किसी बिचौलिये के सीधे लाभान्वित हों।
जीरो टॉलरेंस नीति
महापौर सुषमा खर्कवाल (Sushma Kharkwal) का कहना है कि नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह का यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। सफाई कर्मियों के वेतन प्रक्रिया को डिजिटल करने से वे अधिकारी और ठेकेदार परेशान हैं, जो इस भ्रष्ट व्यवस्था का फायदा उठा रहे थे। लखनऊ की जनता ने इस पहल की सराहना की है, क्योंकि इससे शहर की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता (administrative transparency) में सुधार होने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह की इस नई पहल ने लखनऊ के नगर निगम में बदलाव की एक नई दिशा दिखाई है। यह कदम न केवल सफाई कर्मियों को सशक्त करेगा, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए एक ठोस आधार भी तैयार करेगा। लखनऊ की जनता अब उम्मीद कर सकती है कि उनके द्वारा चुनी गई सरकार उनके हक की रक्षा करने के लिए सख्त कदम उठा रही है।




