प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ पड़ न जाए महंगा, उत्तरकाशी में लगातार महसूस किये गए तीन भूकंप के झटके

कहते है प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ करना मानव के लिए काफी हानिकारक हो सकता है, क्यों की जितना हम इसे नुकसान पहुंचाते हैं उतना ही हमें भी झेलना पड़ना है। इसी का खामियाजा इंसान भुगत भी रहा है जैसा की हम सब देख ही रहे हैं की किस तरह से लगातार अनेक देशों और राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किये जा रहे हैं।
उत्तरकाशी में शनिवार देर रात एक के बाद एक भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. फिलहाल इस दौरान किसी तरह के जान-माल की कोई सूचना नहीं है। पहला झटका रात 12:40, दूसरा झटका 12:45 व तीसरा झटका 01:01 पर महसूस किया गया।
स्थानीय निवासी हेमलता ने बताया कि अचानक खिड़की दरवाजे जोर से बजने की आवाज सुनाई दी, साथ ही किचन में रखें कुछ बर्तन भी गिर गए। एक के बाद एक लगातार तीन भूकंप के झटकों के आने से लोगों में काफी दहशत है। लोग काफी देर तक घरों के बाहर ही रहे।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 12ः45 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.5 थी। जिसका केंद्र तहसील भटवाड़ी के अंतर्गत सिरोर के जंगल में बताया जा रहा है। भूकंप से कहीं से भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। वहीं श्रीनगर जम्मू कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।




