हर तारीख़ से जुड़ी होती है एक खास कहानी, जानिए 3 फरवरी का ये इतिहास

हर तारीख अपने अंदर कुछ न कुछ इतिहास समेटे हुए, कभी वो कहानी दिलचस्प हो जाती है तो कहीं बेहद खतरनाक। आज है तारीख़ तीन (3) फ़रवरी आज की तारीख से भी कई इतिहास जुड़े हुए है। इस दिन का भारत के इतिहास में खास स्थान है यह एक दुर्घटना का साक्षी है। संगम नगरी प्रयाग में महा कुम्भ का आयोजन किया जाता है। जो एक महापर्व के रूप में भी मनाया जाता है। लेकिन इस महा पर्व और आज की तारीख़ से जुड़ी एक ऐसी घटना जिसे सुनकर आज भी रूह कांप जाती है।
चौदह फरवरी सन 1954 में सभी को अपनी ओर आकर्षित करने वाली नगरी और महा कुम्भ में कुछ ऐसा हुआ जिससे लोगों के आँखों में दुःखों का सैलाब उमड़ गया। दरअसल उस वर्ष प्रयागराज में कुम्भ के दौरान भंयकर भगदड़ मच जाने के कारण करीब 500 लोगों की मृत्यु हो गई थी। सिर्फ यही नहीं इस तारीख को ऐसी और कई घटनाएं घटित हुई थी जिनमें से कुछ अच्छी थी कुछ बुरी भी । जिनके बारें में हम आपको बताने जा रहे है –
- वर्ष 2006 में मिस्र में एक यात्री नांव के लाल सागर में डूब जाने के कारण एक हजार से ज्यादा लोगों की जान गई।
- 1925 : बम्बई और कुर्ला के बीच पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चली।
- 1959 : अमेरिका में विमान दुर्घटना में रॉक ‘एन’ रोल के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
- 1971 : चंद्रमा पर तीसरे सफल मानवयुक्त अभियान के दौरान अमेरिका का अंतरिक्ष यान अपोलो 14 चंद्रमा की सतह पर उतरा।
- 1988 : परमाणु शक्ति से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस चक्र को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।




