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बच्चों के सामर्थ्य के अनुरूप शिक्षक विद्यार्थी का मार्गदर्शन करे: डॉ. निधि प्रजापति

· देश के 5 शिक्षकों को मिला नेशनल ह्यूमैनिटी अवार्ड

· कोटा की डॉ. निधि प्रजापति ज्योति भदोरिया और रीना खंडेलवाल को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

कोटा | 17 मई 2022 | शिक्षक होते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी भूमिका निभाने के साथ समाज सेवा के कार्यों में सक्रीय रूप से संलग्न रहने के लिए कोटा से सोसाइटी हैस ईव शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. निधि प्रजापति को नेशनल ह्यूमैनिटी अवार्ड से 18 से 20 तक कुरुक्षेत्र हरयाणा में बाल रक्षक प्रतिष्ठान महाराष्ट्र के द्वारा आयोजित किये गए राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मलेन में शॉल, स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र व मैडल से सम्मानित किया जो राजस्थान की डॉ. निधि प्रजापति के अलावा पूरे देश से केवल 4 शिक्षकों को ही मिला | इस मौके पर कोटा की ही नेशनल सेल्फ डिफेन्स ट्रेनर ज्योति भदोरिया और संस्था की कोषाध्यक्ष रीना खंडेलवाल को भी राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया | पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि अरूण आश्री जिला शिक्षा अधिकारी कुरूक्षेत्र, विशिष्ट अतिथि रोहतास वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी करनाल, नेशनल टीचर अवार्डी हरिदास, बाल रक्षक प्रतिष्ठान के संस्थापक मनोज चिंचोरे व नरेश वाघ रहे | आयोजित कांफ्रेंस में डॉ. निधि प्रजापति ने स्वर्गीय डॉ. एस. एन. सुब्बाराव के गीत एक दुलारा देश हमारा गीत के साथ अपने विचार रखते हुए देश के 17 राज्यों के उपस्थित 150 शिक्षकों से अनुरोध किया की देश की अखंडता, एकता, शांति और सद्भावना बनाये रखने और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाना के लिए, देश के प्रति उनके कर्तव्य का आभास कराने, उन्हें संवेदनशील बनाने हेतु, उनमें समाज, माता पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराने, बच्चों में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिय नैतिकता और मूल्यों से सुसज्जित शिक्षा प्रदान करे साथ ही देश के महान व्यक्तित्व जैसे डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, महात्मा गाँधी, भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस जी जीवनी से अवगत कराये, बच्चों में तोड़ने की मानसिकता के स्थान पर जोड़ने, प्रेम, सद्भाव का कौशल विकसित करे | शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ऐसे सपने देखने के लिए प्रेरित करे जो उनके सामर्थ्य के अनुरूप हो जिन्हें वो साकार कर सके, जिसके लिए उनमें योग्यता और गुण हो ताकि वो भविष्य में अपना सफल करियर भी बने सके, तनाव भी न हो और न ही अपनी प्राप्त शिक्षा पर कोई संदेह हो | इस अवसर विभिन्न राज्यों से शिक्षकों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी गयी जिसमें राजस्थान के उपस्थित 4 शिक्षकों डॉ. निधि प्रजापति, ज्योति भदोरिया, रीना खंडेलवाल और मंजु बजवा के द्वारा धरती धोरा री, नैना रा लोभी, टूटी बाजुबंद री लूम, लडली लूमा झुमा, मरुधरिया धोरा में नाचे ऊँट गाडों व केसरिया बालम गीत पर अपनी सामूहिक प्रस्तुति दी |

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Ravi Samariya

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