लखनऊ:- सेंट जोसेफ के अभिव्यक्ति 2025 में पूर्व छात्र शिवांक बने मुख्य अतिथि!!

सेंट जोसेफ के वार्षिकोत्सव में पूरे भारत की संस्कृतियों को बच्चों ने मंच पर उतारा, विद्यार्थियों की क्षमताओं को सही मार्गदर्शन देना सेंट जोसेफ की विशेषता- शिवांक श्रीवास्तव!! परिश्रम और अनुशासन का संगम ही सफलता का दूसरा नाम- पुष्पलता अग्रवाल!! सेंट जोसेफ विद्यालय का 39वां वार्षिकोत्सव समारोह अभिव्यक्ति-2025 समन्वय-संस्कृतियों का, राजाजीपुरम् शाखा के विशाल प्रांगण में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें प्री-प्राइमरी व प्राइमरी के छोटे-छोटे बच्चों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित थीम पर एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी।

साथ ही भारत के हर राज्य की संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।दो दिवसीय अभिव्यक्ति-2025 के दूसरे दिन की विशेषता यह थी कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेंट जोसेफ के पूर्व छात्र शिवांक श्रीवास्तव थे। बच्चें भी मुख्य अतिथि के रूप में अपने ही विद्यालय के पूर्व छात्र को देखकर गद्गगद् थे। इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत सेंट जोसेफ समूह की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता अग्रवाल, प्रबन्ध निदेशक अनिल अग्रवाल व निदेशक नम्रता अग्रवाल ने बुके, स्मृति चिह्न अंगवस्त्र प्रदान कर किया।

इस अवसर पर शिवांक को पढ़ाने वाले शिक्षक व शिक्षिकायें भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विद्यालय समूह की संस्थापक अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिभाओं को पहचान कर उनको सही मंच देकर हीरे के रूप में तराशकर देश को प्रदान करना ही सेंट जोसेफ की विशेषता है।प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिवांक आरंभ ही से एक परिश्रमी, प्रतिभाशाली और अनुशासित विद्यार्थी रहे । जिन्होने यूपीएससी क्रैक कर सीएपीएफ में अधिकारी बनकर पूरे विद्यालय परिवार को गर्व करने का अवसर प्रदान किया। वही मुख्य अतिथि शिवांक ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरूजनों को देते हुए कहा कि इस मुकाम पर पहुंचाने में सेंट जोसफ का बड़ा योगदान है।

बच्चों ने इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विधाओं को अनेक रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत किया। श्री गणेश वन्दना से आरंभ हुये कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, पंजाब, कश्मीर गुजरात, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों की संस्कृतियों को मंच पर साकार कर दिया। जिसमें उनकी प्रतिभाओं को देखकर उपस्थित सभी लोगैं ने भूरि-भूरि सराहना की, बड़ी संख्या में अभिभावक व स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन ग्रैंड फिनाते, मिले सुर मेरा तुम्हारा के साथ हुआ। अंत में प्रधानाचार्या राजाजीपुरम् शाखा ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य अतिथियों व अभिभावकों के आगमन के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया।

